दोस्तों बस कहने में हीं अच्छा लगता है। की हमारे देश में नारीसशक्तिकारण पर जोरो सोर से कम हो रहा है। लेकिन कभी कभी ऐसा ऐसा मामला सामने आता है की हम सब के इस पॉजिटिव सोच पर पानी फेर देता है। की आज कल महिलाओं को भी पुरुषो के समान अधिकार है। दोस्ती आज का ये मामला भी कुछ ऐसा हीं है। जहा एक पढ़े लिखे एक बरिस्ट व्यक्तिने ऐसा घिनौना काम किया है।
दोस्तो बात है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर की जहां नौकरी देने के लिए एक इंटरव्यू आयोजित किया गया था। जहां पर बहुत सारे उम्मीदवार इंटरव्यू देने पहुंचे हुए थे। इंटरव्यू में सामिल एक अधिकारी ने नौकरी पाने के लिए इंटरव्यू देने पहुंची लड़की से उसकी इज्जत हीं मांग ली। तुरंत उस छात्रा ने पुलिस में कंप्लेंट रजिस्टर करवाया।
निकली भर्ती।
यहां इंटरव्यू लेने बीज विकास निगम के एक असिस्टेंट अधिकारी संजीव कुमार भी सामिल था। इंटरव्यू देने तो कई सारे उम्मीदवार आए थे लेकिन इन्ही में से एक छात्र जो की वहां इंटरव्यू देने आई थी। इंटरव्यू के तुरंत बाद संजीव कुमार ने इस छात्रा के को कॉल कर के उसके घर परिवार के बारे में पूरी जानकारी लिया। और इस छात्रा से बोला की इस पोस्ट के लिए तुम्हारा सिलेक्शन हो सकता है। लेकिन इसके बदले में तुम्हे मुझे कुछ देना होगा।
बितानी होगी एक रात।
छात्रा सॉक्ड थी। की जॉब के बदले क्या देना पड़ेगा लेकिन कुछ हीं देर में उस छात्रा के व्हाट्सएप (Whatsapp) पर वो डिमांड वाला मैसेज (Massage) डिलीवर हुआ जिसमे लिखा था। मुझे प्यार चाहिए सिर्फ एक बार.... बार बार नही कहूंगा। एक रात साथ बितानी होगी अपनी इज्जत देनी पड़ेगी। तब जाकर नौकरी हासिल हो जाएगा। यह सब देखकर छात्रा काफी परेशान हो गई और अपने साथ इंटरव्यू देने आई छात्राओं से इस विषय में बात की तो पता चला की उसके अतिरिक्त दो और लड़कियों को सेम यही मैसेज मिला है जिसमे यहीं डिमांड किया गया है।
इस बीच संजीव कुमार ने वो डिमांड वाली मैसेज तो डिलीट कर दी थीं। लेकिन उस छात्रा ने उसका स्क्रीनशॉट (Screenshot) ले ली हुई थी।
शिकायत दर्ज कराया।
इसके तुरंत बाद पीड़ित छात्राओं ने होशियारी दिखाए हुए इसकी शिकायत ग्वालियर क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई। जिसके बाद उस कॉल और मैसेज वाली नंबर के बारे में छन बीन हुई तो पता चला की यह नंबर संजीव कुमार का है।
फिर गिरफ्तारी के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया।
उसके बाद रिपोर्ट के आधार पर ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने धारा 354A के तहत संजीव कुमार को गिरफ्तार किया। लेकिन मामला नोटिसेंल थी। इस वजह से क्राइम ब्रांच ने संजीव कुमार को नोटिस देकर छोड़ दिया।
कुछ बातें।
बहुत सारी महिलाएं तो ऐसे होती है की इतने सब के बावजूद भी वो हिम्मत नही दिखती लेकिन कुछ साहसी महिलाए होती है जो ऐसे दरिंदो को सबक सिखाने के लिए अपनी आवाज ऊपर तक पहुंचती है । जैसे इस छात्रा ने किया।
दोस्त मिलते है अगले पोस्ट में तब तक के लिए।
धन्यवाद।🙏🙏
